Dosti Shayari

आँखों की सज़ा तब तक है जब तक दीदार ना हो,
दिल की सज़ा तब तक है जब तक प्यार ना हो,
यह ज़िंदगी भी एक सज़ा है आए मेरे दोस्त
जब तक आप जैसा कोई यार ना हो.

Dosti Shayari

आप का आशियाना दिल मे बसा रखा है,
आप की यादो को सीने से लगा रखा है,
पता नही याद आते है आप ही की क्यो?
वैसे दोस्त तो हमने औरो को भी बना रखा है

 

Dosti Shayari

ये दोस्ती चिराग है इसे जलाए रखना,
ये दोस्ती गुल है इसे खिलाए रखना,
हम रहे ना रहें इस जहाँ में,
बस हमारी याद दिल मे बसाए रखना..

Dosti Shayari

ऐसा नही की आपकी याद आती नही,
खता सिर्फ़ इतनी है की हम बताते नही,
दोस्ती आपकी अनमोल है हमारे लिए,
समझते हो आप इसलिए हम जताते नही..

Dosti Shayari

आपका आसिया दिल में बसा रखा हैं,
आप की यादो को सिने सी लगा रखा हैं,
पता नही आप ही की क्यूँ आती हैं,
दोस्त तो मैने औरो को भी बना रखा हैं

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