best true shayari

 

 पुराने दिनों घर में अजब रिश्ता था दरवाज़े भी आपस मे

गले लगते थे अब तो दरवाजा भी अकेला हो गया है

 

best true shayari

 

 गैरों से तो कोई गिला नहीं होता कुछ न कुछ पहले खोना

पड़ता है मुफ्त में तो कोई तजुर्बा नहीं मिलता

 

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